जयपुर। जयपुर के संस्थापक और महान दूरदर्शी शासक महाराजा सवाई जय सिंह की 339वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को श्री राजपूत सभा, जयपुर की ओर से स्टेच्यू सर्किल स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गणमान्य नागरिकों और समाजबंधुओं ने महाराजा सवाई जय सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और जयपुर के निर्माण, विकास तथा गौरवशाली इतिहास में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में श्री राजपूत सभा के महामंत्री धीर सिंह शेखावत ने महाराजा सवाई जय सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराजा सवाई जय सिंह भारतीय इतिहास के बहुआयामी व्यक्तित्व थे। वे दूरदर्शी शासक, लोकप्रिय राजा, वीर योद्धा, कुशल प्रशासक और श्रेष्ठ नगर नियोजक होने के साथ-साथ ज्योतिष एवं खगोल विज्ञान के महान ज्ञाता भी थे।

धीर सिंह शेखावत ने कहा कि महाराजा सवाई जय सिंह ने अपनी दूरदृष्टि, वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्ट नगर नियोजन के माध्यम से जयपुर जैसे सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक नगर की स्थापना की। उनका जीवन और कार्य आज भी सुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, दूरदर्शिता और जनकल्याण की प्रेरणा देते हैं।

इस अवसर पर श्री राजपूत सभा के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत, महामंत्री धीर सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह मूंडरू, कार्यकारिणी सदस्य गोपाल सिंह रोजदा, शंकर सिंह फतेह निवास, राजेन्द्र सिंह भाटी, राजेन्द्र सिंह दिसनाऊ, हनुमत सिंह राजावत, फतहे सिंह गौड़, बिशन सिंह राजावत, महेन्द्र सिंह चौरू, अंकेश्वर प्रताप सिंह राणावत, नितेश शेखावत रानौली, पृथ्वीराज सिंह रानौली और गजेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजबंधु मौजूद रहे।

कार्यक्रम के समापन पर सभा के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह राणावत ने सभी उपस्थित नागरिकों और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर पुष्पांजलि अर्पित करने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए सभी का धन्यवाद किया।





