अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 के समापन समारोह में गुरूवार को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता तथा ऊर्जा विभाग की संयुक्त सचिव नित्या ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, केन्द्रीय नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक, भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद तथा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी की महत्वपूर्ण उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की अग्रणी भूमिका की सराहना की गई। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अब तक 51.6 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। जिसमें से 28 गीगावॉट क्षमता मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार के विगत 34 माह में ही स्थापित हुई है।
इस अवसर पर नागर ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान राजस्थान सरकार की अक्षय ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता, प्रभावी नीतिगत पहल, निवेश अनुकूल वातावरण तथा ऊर्जा विभाग एवं संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिचायक है। राज्य सरकार स्वच्छ, हरित एवं सतत ऊर्जा के विकास के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में निरंतर योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन मापदंडों पर मिला सम्मान
भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के मूल्यांकन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन तंत्र विकसित किया है। जिसमें राज्यों के प्रदर्शन के लिए 6 प्रमुख मानक बिन्दु तय किए गए है। इन बिन्दुओं, स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता, इसके विकास के लिए नीतिगत और नियामकीय ईकोसिस्टम तैयार करने, ग्रिड की तैयारी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसके सुदृढीकरण, डिस्कॉम्स के प्रदर्शन तथा निवेश के अनुकुल माहौल के आधार पर राजस्थान का प्रदर्शन श्रेष्ठ राज्य के रूप में रहा। भारत सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास को लिखे पत्र में भारत के एनर्जी ट्रान्जिशन तथा 500 गीगावॉट हरित ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में राजस्थान के योगदान को महत्वपूर्ण बताया था।
ऊर्जा सचिव ने दी बधाई
ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा ने इस उपलब्धि पर ऊर्जा विभाग एवं इससे जुड़ी सभी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों, समर्पण, प्रतिबद्धता एवं बेहतर समन्वय का परिणाम है।
राष्ट्रीय स्तर पर पूर्व में भी मिल चुके हैं कई सम्मान
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में श्रेष्ठ उपलब्धियों के लिए इससे पूर्व राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अन्य कई पुरस्कार मिल चुके हैं। गुजरात में हुए आरई इनवेस्ट-समिट 2024 में सौर ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी के लिए प्रदेश को प्रथम तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि के लिए द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं, इस वर्ष जनवरी में ऑल इण्डिया डिस्कॉम एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में पीएम-कुसुम योजना में कृषि फीडर सोलराइजेशन के लिए स्वर्ण पुरस्कार तथा कुसुम योजना में कृषि फीडरों के सौर ऊर्जाकरण के लिए अपै्रल माह में सीएम एक्सेल अवॉर्ड, पीएम सूर्यघर योजना में सर्वाधिक आवेदन, सर्वाधिक वेन्डर रजिस्ट्रेशन, सर्वाधिक निरीक्षण तथा सर्वाधिक इंस्टॉलेशन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार (मई माह) तथा अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापना को गति प्रदान करने एवं इस दिशा में किए गए प्रयासों के लिए इसी वर्ष विंड इंडिया-2026 पुरस्कार जैसे अवॉर्डाें से राजस्थान को सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम की छत्तीसगढ़ स्थित पीईकेबी कोयला खदान को उत्कृष्ट खन्न कार्य, सुरक्षा मानकों, पर्यावरण संरक्षण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 5 स्टार रेटिंग अवॉर्ड प्रदान किया है।




