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पदक लौटाने की नौबत क्यों आई? पैरा खिलाड़ियों के मुद्दे पर lनिर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने सरकार को फिर चेताया

जयपुर। राजस्थान के पैरा खिलाड़ियों की नौकरी, वेतन और अधिकारों का मुद्दा एक बार फिर सरकार के सामने खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पैरा खिलाड़ियों की ओर से अपने पदक और सम्मान लौटाने की बात कहे जाने के बाद शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने सरकार को फिर चेताया है। भाटी ने कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़े और सम्मान लौटाने की नौबत आए, यह गंभीर चिंता का विषय है।

भाटी ने कहा कि राजस्थान के पैरा खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश का गौरव बढ़ाया है। इसके बावजूद कई खिलाड़ी वर्षों तक सेवा देने के बाद भी स्थायी नियुक्ति, पूरा वेतन और अन्य अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छह वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने के बावजूद खिलाड़ियों को स्थायी नहीं किया जाना गंभीर विषय है।

इस मामले में भाटी पहले भी सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री और खेल मंत्री को पत्र लिखकर पैरा खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान करने, उनकी सेवाओं को स्थायी करने तथा उन्हें नियमानुसार वेतन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर अब खिलाड़ियों द्वारा अपने पदक और सम्मान लौटाने की बात सामने आई है।

भाटी ने कहा कि कृष्णा नागर, सुंदर गुर्जर, संदीप मान और निशा कंवर सहित राजस्थान के कई पैरा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां राजस्थान के लिए गौरव का विषय हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जब देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी अपने सम्मान और पदक लौटाने की बात कहने को मजबूर हो रहे हैं, तो सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। भाटी ने सवाल उठाया कि जिन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और राजस्थान का गौरव बढ़ाया, उन्हें अपने ही राज्य में स्थायी नौकरी और अधिकारों के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है?

भाटी ने मुख्यमंत्री से एक बार फिर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सेवाओं को स्थायी करने, उन्हें पूरा वेतन देने और उनके लंबित अधिकारों एवं सुविधाओं का तत्काल समाधान करने की दिशा में सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए।

विधायक ने कहा कि खिलाड़ियों के पदक और सम्मान लौटाने की स्थिति सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। सरकार को खिलाड़ियों के पदक लौटाने का इंतजार करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष न करना पड़े।

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