जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों के क्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के. मीना से मुलाकात की। सीजीओ परिसर में हुई बैठक में राजस्थान में जल जीवन मिशन 2.0 से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने मिशन के तहत राजस्थान से संबंधित योजनाओं के आंकड़ों का समय पर मिलान करने तथा प्रदेश के लिए 3 हजार करोड़ रुपये की राशि समय पर जारी करने का विषय रखा। योजनावार आंकड़ों के समन्वय के लिए राज्य की ओर से प्रस्तुत समेकित प्रस्ताव से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में जल जीवन मिशन 1.0 और 2.0 के बीच मार्च 2024 से मार्च 2026 की अवधि में हुए व्यय से संबंधित राशि जारी करने पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने राजस्थान के जल जीवन मिशन 2.0 से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा को सकारात्मक बताया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के प्रयासों के क्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल से मुलाकात की। बैठक में जयपुर में दिसंबर 2026 में राष्ट्रीय सरस मेले के आयोजन तथा वीबी–जी राम जी की प्रगति पर चर्चा हुई।
राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा राष्ट्रीय सरस मेला 2026–27 का आयोजन 25 दिसंबर 2026 से 11 जनवरी 2027 तक जयपुर में प्रस्तावित है। इस 18 दिवसीय मेले का आयोजन जवाहर कला केंद्र के दक्षिणी परिसर, शिल्पग्राम एवं इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान परिसर में करने की तैयारी है। मेले के आयोजन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
मेले में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए लगभग 750 से 800 स्टॉल प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही खानपान के लगभग 50 स्टॉल, हस्तशिल्प निर्माण का सजीव प्रदर्शन, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देना, पारंपरिक हस्तशिल्प एवं लोक कलाओं को मंच उपलब्ध कराना तथा महिला उद्यमियों के लिए स्थायी बाजार संपर्क विकसित करना है। इसके लिए मेले के दौरान क्रेता-विक्रेता सम्मेलनों का आयोजन भी प्रस्तावित है। राजसखी ब्रांड के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को डिजिटल बाजार से जोड़ने के अवसर भी उपलब्ध होंगे। बैठक में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), अर्थात वीबी–जी राम जी की प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया गया।





